बेदर्द बेकाबू बेरहम ये दिल की खताएं

बेदर्द बेकाबू बेरहम ये दिल की  खताएं,

जीने ना दे मरने ना दे

ये जिंदगी सताए |

आँखों के आंसुओ में चेहरा तेरा देखता हू

यादो को याद कर गम से खुद को सेकता हू |

जिस्म है बस, जान हो ना हो

उसे कोई फर्क नही

दर्द है बस दवा हो ना हो

मेरा कोई हमदर्द नही |

केसे तुझे छोड़ू या आईना तोडू

कोई जरा बतलाए,

कैसा किस्मत का फेर है ,तू अपना है तो क्यों गैर है

कोई जरा समझाए |

जीने ना दे मरने ना दे

ये जिंदगी सताए…

एक ख्वाब था आँखों में निंद से परे

वो टूट सा गया ,

जिए या मरे क्या अब करे एक रब था मेरा

वो रुठ सा गया |

एक तारा ओझल हुआ तो

सारा आंसमा सुना लागे ,

नींद के बाजार से सपने

इधर उधर सारे भागे |

बेदर्द बेकाबू बेरहम ये दिल की  खताएं,

जीने ना दे मरने ना दे

ये जिंदगी सताए |

pic source-misanthropicbastard.deviantart.com

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